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Wednesday, November 17, 2010

क्या विश्व के सबसे बड़े विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपना स्वयं का न्यूज़ चेनल बना लेना चाहिए......??

पिछले कुछ दिनों से लगातार केंद्र सरकार के गुर्गे संघ को बदनाम करने का षड़यंत्र रच रहे हैं और मिडिया को माध्यम बनाकर साधारण सी बात को घुमा फिराकर आपत्तिजनक बता रहे है....
राहुल गाँधी के द्वारा संघ की तुलना सिमी से करने के बाद कांग्रेसी नेताओ में संघ के ऊपर छीटाकशी करने की होड़ सी मच गयी है.....
मैं देख रहा हूँ की अमूमन हर दशहरा पर संघ के पथ संचलन को शालीनता और शांति का पर्याय बताने वाले न्यूज़ चेनल इस बार एक बाल स्वयं सेवक के हाथ में तलवार के द्रश्य को दिखाकर जनता से पूछ रहे है की 'क्या संघ बच्चों को आतंकवादी बना रही है' जब की वे जानते हैं की हिन्दू समाज में दशहरा के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा है और संघ आत्मरक्षा के लिए ही बच्चों को शस्त्र ज्ञान देता है......
अचानक से बदले मिडिया के इस रूख के पीछे का मूल कारण केंद्र सरकार के पक्ष में वातावरण तैयार कर सर्वश्रेष्ठ न्यूज़ चेनल का तमगा हासिल करना है पिछले काफी वर्षों से सर्वश्रेष्ठ और सबसे तेज़ न्यूज़ चेनल का अवार्ड आज तक को मिलता चला आ रहा है और इसी अवार्ड को हासिल करने के चक्कर में सारे न्यूज़ चेनल कांग्रेसियों के सूर में सूर मिला रहे हैं ....
अपने विचरों को आम जन मानस तक पहुँचाने के लिए एवं हिंदुत्व की विचारधारा से आम जनता को जोड़ने के लिए ही संघ ने कई अनुषांगिक संगठनो का निर्माण करते हुए वर्षों पहले पांचजन्य समाचार पत्र को प्रकाशित करने का निर्णय लिया....
बदलते वक़्त के साथ आज इलेक्ट्रोनिक मिडिया ने समाज में अपनी गहरी पैठ बनायीं है शब्दों के मायाजाल में उलझाकर जिस प्रकार न्यूज़ चेनल संघ की बातों के सच को झूठ और झूठ को सच साबित कर देते हैं ऐसे में मुझे लगता है की संघ को अतिशीघ्र अपना न्यूज़ चेनल लांच करने हेतु एक नया अनुषांगिक संगठन बना लेना चाहिए जिससे आम लोगों तक संघ की सच्चाई पहुँच सके......

Saturday, November 13, 2010

bajrangdal news

पिछले दो दिनों से कुछ ज्यादा ही बवाल मचा रखा है सेकुलर कांग्रेसियो में लेकिन उनमे से कोई भी उन आरोपों का जबाब क्यों नहीं दे रहा है ,अगर उनको सोनिया गाँधी का पक्ष रखना है तो रख सकते है लेकिन सच्चाई हमेशा कडवी होती है इसलिए कोई भी उन आरोपों सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैंको काटने का प्रयत्न नहीं कर रहा है बस पुतले जलाने का काम कर रहे है

Sunday, November 7, 2010

इंद्रेश के समर्थन में आए मुस्लिम संगठन


ग्वालियर [जागरण ब्यूरो]। अजमेर दरगाह धमाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ [आरएसएस] के प्रचारक इंद्रेश कुमार का नाम जोड़े जाने का विरोध कई मुस्लिम संगठनों ने भी किया है। ऐसे कुछ संगठनों को लेकर राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने ग्वालियर में एक सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें साफ तौर पर कहा गया कि राजस्थान एटीएस द्वारा इंद्रेश के ऊपर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से गलत हैं। सेमिनार में कहा गया कि कांग्रेस के इशारे पर आरएसएस को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।

आरएसएस और उसके प्रचारक इंद्रेश को आतंकी गतिविधियों से जोड़ने के खिलाफ भाजपा व उसके सहयोगी संगठनों ने मुहिम शुरू कर दी है। इसी के चलते संगठन से जुड़े कुछ मुस्लिमों को सामने लाया जा रहा है। ग्वालियर में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने ऐसा ही आयोजन किया। इस आयोजन में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के अलावा राजस्थान के मुस्लिम महासंघ सहित कई मुस्लिम बुद्धिजीवी आए। इस मंच के राष्ट्रीय संयोजक मुहम्मद अफजाल ने स्पष्ट किया कि इंद्रेश के ऊपर आंतकियों से जुड़ने के जो भी आरोप लगे हैं, वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं और उनमें कोई दम नहीं है।

राजस्थान मुस्लिम महासंघ के अध्यक्ष अबु मकर नकवी ने कहा कि आरएसएस व इंद्रेश पर कांग्रेस के इशारे पर निराधार लगाए जा रहे हैं। जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। सेमिनार में जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से आए इमरान चौधरी ने कहा इंद्रेश शांति दूत हैं और उनका जीवन पूरी तरह समाज सेवा को समर्पित है। वे किसी भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े नहीं हो सकते हैं।

Wednesday, November 3, 2010

मुस्लिम, मिशनरी, मार्क्सवादी,(लॉर्ड) मैकाले, (विदेशी) मीडिया, और माइनो (यू पी ए अध्यक्षा सोनिया गाँधी का मध्य नाम) फिर महाविनाश की चेतावनी: कलियुग आ चुका है। हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन करके और हिन्दू होने का दिखावा करके हमारी औरतों से विवाह करके मुसलमान देश पर कब्ज़ा जमाये ले रहे हैं। जल्दी ही हिन्दुओं का तो नाम-निशान भी नहीं रहेगा। भारत में उनकी संख्या हिन्दुओं से अधिक तो पहले ही हो चुकी है। हमें मुल्लों को अपने देश से निकाल देना चाहिये। वे हमारी गऊ माता की हत्या करते हैं; हर गाय में 2300 देवियां रहती हैं।



“हम मुसलमानों का भरोसा नहीं कर सकते, वे हमारी गायों तक को नहीं छोड़ते, हमें क्या छोड़ेंगे?” ये कहना है l  कि “अगर कोई हिन्दू लड़की किसी मुस्लिम लड़के से शादी करे तो उस लड़की का सर काट देना चाहिये।“ और क्रान्तिकारी गीत – हिन्दू के हित पर जनमूं, हिन्दू के हित मर जाऊं, हो जाओ तैयार साथियों, अर्पित कर दो हज़ार बलिदान। नारे भी लगे- शस्त्रमेव जयते। अमरनाथ की भूमि बचाने की कोशिश करते बजरंग दल कार्यकर्ताओं की पुलिस द्वारा पिटाई के सबूत के तौर पर सी डी भी उपलब्ध हैं। और जब तरुण ब्रिगेड पर्याप्त जोश में आ चुकी तो नारे लगने लगे- राम राम चिल्लायेंगे, जायेंगे। और वकील भी उपस्थित हैं यह बताने के लिये कि आपराधिक आरोपों से कैसे बचा जाये। कोई आश्चर्य नहीं कि जब गुरु ने पूछा कि “हम मुसलमानों का सफ़ाया कैसे करेंगे?” तो लड़कों ने एक स्वर में कहा:”हम उन्हें काट डालेंगे!”
और अन्त में एक सलाह थी, जीवन भर के लिये:अगर तुम्हारे घर पर हमला हो और तुम्हारे पास कोई हथियार न हो तो तुम्हें क्या करना चाहिये? मोटरसाइकिल की चेन से काम लो। गैस का सिलेण्डर निकाल लाओ। घर के चारो ओर तेल छिड़क कर आग लगा दो ताकि आतँकवादी अन्दर न आ सकें। अगर मुसलमान तुम्हारे इलाके में रहने आते हैं तो तुम्हें क्या करना चाहिये? उनकी पृष्ठभूमि का पता करो। उनसे दोस्ती कर लो पर उन्हें अपने घर मत बुलाओ। उनकी औरतों से पता करो कि क्या उनकी शादी ज़बरदस्ती करवाई गई है। अगर ऐसा हुआ हो तो पुलिस को ख़बर कर दो। विनीत कहता है “मेरी गली के मुसलमान तो अच्छे हैं। वे अपनी औरतों को बुरका पहनने के लिये बाध्य नहीं करते और अपने बच्चों को भी खेलने देते हैं। पर बाकी मुसलमानों की औरतें और बच्चे अगर घर से बाहर कदम भी रखें तो वे उन्हें काट डालते हैं।
मां स्तब्ध होकर यह सब सुनती हैं। “मुझे नहीं पता था कि वे लोग ये सब सिखाते हैं”, कुमारी देवी कहती हैं। वे असमंजस में हैं कि अगले साल अपने बेटे को वहां भेजें या न भेजें। पर अब इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। उनके बेटे को उसका जीवन-ध्येय पहले ही मिल चुका है- हिन्दू समाज सेवा- बजरंग दल के निर्देशानुसार।